भ्रष्टाचार

नप, में भ्रष्टाचार की सही जांच हुई तो प्रदेश की सबसे भ्रष्ट ओर निक्कमी परिषद साबित होगी- जायसवाल

पार्षदों में अगर थोड़ा सा भी आत्म सम्मान बचा हो तो जनता को जवाब दे।

शाहरुख बाबा/ मो. 8435133145

स्वतंत्र हरदा/ टिमरनी , नगर पंचायत परिषद टिमरनी में पिछले कई समय से लगातार हो रहे भारी भ्रष्टाचार और बार-बार सीएमओ के बदले जाने और लेखपाल तथा अन्य विभाग के कर्मचारियों का बार-बार प्रभार बदलने को लेकर नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है इसी को लेकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज और पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद के सम्मानित पाषर्द शायद आपको जानकारी नहीं है कि नगर परिषद टिमरनी में पिछले कुछ महीनो में कई सीएमओ आए और चले गए अभी हाल ही में राजाराम सोनपुर को चार्ज दिया गया है एवं अकाउंटेंट पद पर केवलराम देवडा को हटाकर श्रीमती प्रीति को लेखपाल का चार्ज दिया गया है आखिर ऐसा क्या कारण है कि सीएमओ और लेखपाल बदले जा रहे हैं क्या इसके पीछे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है या शहर का विकास करने के लिए ऐसा किया जा रहा है नप, के पार्षद महोदय जवाब दे ऐसा क्या कारण है कि यह सब नगर परिषद में चल रहा है क्या यह सब भ्रष्टाचार की नीयत से किया जा रहा है मुझे ज्ञात हुआ है कि नए लेखपाल से लगभग 20 लाख रुपए का फर्जी भुगतान किया गया है लगभग 19 लाख 99 हजार का फर्जी भुगतान नगर परिषद द्वारा जन स्वास्थ्य सामग्री के नाम पर किया जा रहा है जिसकी जानकारी पार्षदों को भी नहीं है जिनको है भी तो वह अनभिज्ञ है क्या यही विकास है मैं कांग्रेस एवं भाजपा की पार्षदों से पूछना चाहता हूं कि आप ऐसा क्या काम कर रहे हैं जो परिषद को बार-बार सीएमओ बदलना पड़ रहा है भुगतान के लिए अकाउंटेंट को बदलना पड़ रहा है बड़े शर्म की बात है कि जिनके हाथों में पूरे विश्वास के साथ जनता ने शहर के विकास की बागडोर सौपी है वही भ्रष्टाचार में लिप्त है आटे में नमक तो चलता है परंतु यहां तो नमक में आटा मिलाया जा रहा है ध्यान दे पार्षदगण अगर आप में थोड़ा सा भी आत्म सम्मान बचा हो तो जनता को जवाब दें और अपने मन से पूछे कि यह सब सही है या गलत है अगर भ्रष्टाचार उजागर होगा तो नगर परिषद टिमरनी मध्य प्रदेश की सबसे भ्रष्ट और निकम्मी परिषद कहलाएगी।

मनमर्जी से परिषद में सौंपे गए हैं प्रभार 

नगर पंचायत परिषद में पिछले 1 साल में कई बार कर्मचारियों का प्रभार बदला गया है जिसको लेकर भी विभागीय कर्मचारियों में फूट डाल रही है साथ ही एक दूसरे को जलन हीन भावना से देखते नजर आ रहे हैं तो वही नगर का विकास में भी अड़ंगा लगाया जा रहा है विकास के नाम पर नगर परिषद में सिर्फ दिखावा और भारी भ्रष्टाचार तथा हर समय फर्जी बिल लगाए जाना और उसका भुगतान कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है जिस कर्मचारी को देखो वह अपनी सिलक बनाने में लगा हुआ है लेकिन किसी को भी नगर विकास और परिषद में होने वाले कार्यों की चिंता नहीं है जिससे नगर के आम जनमानस लोग अपने आप को ठगा हुआ और काफी परेशान महसूस करते नजर आ रहा है।

Swatantra Harda

Related Articles

Back to top button