5 महीने में 8 बार नगरी प्रशासन ने बदला टिमरनी सीएमओ का प्रभार

शाहरुख बाबा, स्वतंत्र हरदा
टिमरनी। नगर पंचायत परिषद एक ऐसी परिषद है जो भ्रष्टाचार और सीएमओ का प्रभार बदलने को लेकर काफी चर्चा में है जहां एक बार फिर सीएमओ का प्रभार नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बदल दिया गया है ज्ञात हो की नगर पंचायत परिषद में पिछले पांच महीने में लगभग 8 बार सीएमओ का प्रभार नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बदला गया है वही नगर पंचायत परिषद में नगरीय प्रशासन द्वारा बार-बार सीएमओ का प्रभार बदले जाने और लाखों रुपए के फर्जी बिल नप से निकाले जाने को लेकर नगर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत परिषद जो की राजनीति की भेंट चढ़ता जा रहा है वही नगर में विकास की गंगा बहाना तो दूर की बात है विकास के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किए जाने और अपनी मनमर्जी से अधिकारी कर्मचारी रखे जाने का प्रयास लगातार पिछले 5 महीने से चल रहा है।
नप, में ऐसे बदले सीएमओ के 8 बार प्रभार
नगर पंचायत परिषद में 30 जून 23 को प्रभारी सीएमओ के पद पर रहे राहुल शर्मा का स्थानांतरण विभाग द्वारा सिराली किए जाने के बाद से लगातार 5 महीने में 8 बार सीएमओ का प्रभार बदले जाने से भ्रष्टाचार को जन्म देने वाली बात है क्योंकि 30 जून के बाद राहुल शर्मा का स्थानांतरण के बाद से तीन बार राहुल शर्मा को ही नगर परिषद का प्रभार दिया गया था तो वही दो बार राजाराम सोनपुर को पुनः प्रभार दे दिया गया साथ ही आरपी नायक के नही आने के बाद से, विजय दुबे एवं हरदा नप के सीएमओ भी नगर परिषद की कमान संभाल चुके हैं वही सूत्रों के द्वारा बताया जा रहा है कि मामला सिर्फ कागज पर दर्शय गए लाखो के फर्जी बिलों को निकालने के लिए बार-बार सीएमओ का प्रभार बदला जा रहा है। नगर के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि यह शायद मध्य प्रदेश की पहली नगर परिषद होगी जहां लगभग पांच महीने में 8 बार सीएमओ का प्रभार बदला होगा। आखिर नगरीय प्रशासन विभाग भी जाने क्या चाह रहा है जो बिना सोचे समझे जिले से बाहर के कर्मचारियों को नगर परिषद की कमान संभालने की बजाय स्थानीय निवासियों को ही बार-बार प्राथमिकता दी जा रही है ओर सीएमओ का प्रभार दिया जा रहा है जो कि नियम अनुसार गलत है।



