एथेनाल फैक्ट्री की दुर्गंध से परेशान ग्रामीण धरने पर बैठे, दूषित पानी और धुएं से स्वास्थ्य और फसलें प्रभावित
छिदगांव के सैकड़ों ग्रामीण फैक्ट्री के गेट पर धरने पर बैठे; टिमरनी एसडीएम महेश बड़ोले पहुंचे, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
हरदा। जिले के छिदगांव में स्थित एसएमएस बायो फ्यूल एथेनाल फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण और दुर्गंध से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने फैक्ट्री के गेट पर धरना शुरू कर दिया है। फैक्ट्री से निकलने वाले काले धुएं और दूषित पानी ने गांव के निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध इतनी तेज है कि महिलाओं और बच्चों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है। इसके अलावा, फैक्ट्री से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का स्वास्थ्य भी गंभीर खतरे में है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि उपजाऊ जमीन पर इस फैक्ट्री को स्थापित करने की अनुमति कैसे दी गई, जबकि यह गांव से केवल 300 मीटर की दूरी पर स्थित है।

फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित जल से गांव के सभी जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को साफ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। फैक्ट्री की बड़ी चिमनी को बंद रखकर छोटी चिमनियों से धुआं निकाला जा रहा है, जिससे प्रदूषण और अधिक बढ़ गया है। फैक्ट्री में रिवर्स बोरिंग सिस्टम भी लगा है, जिससे प्रदूषित जल भूमिगत जल में मिलकर तेजी से प्रदूषण फैला रहा है। लगातार भूमिगत पानी की निकासी से जल स्तर गिरने का खतरा भी बढ़ गया है।
इन समस्याओं और खतरों को देखते हुए ग्रामीणों ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
1. फैक्ट्री द्वारा निकलने वाले प्रदूषण और दुर्गंध को तुरंत नियंत्रित किया जाए।
2. दूषित जल को रोकने के लिए उचित उपचार प्रणाली स्थापित की जाए।
3. फैक्ट्री की संचालन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की जाए।
4. स्थानीय स्कूल और गांव के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाए।
5. प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाए।
6. फैक्ट्री के आसपास की उपजाऊ जमीन की सुरक्षा की जाए।
7. स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं।
8. फैक्ट्री के प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय प्रशासन पर अब दबाव है कि वह इन गंभीर मुद्दों का समाधान निकाले और ग्रामीणों को राहत पहुंचाए। धरना स्थल पर टिमरनी के एसडीएम महेश बड़ोले पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश अभी भी कायम रहा। कंपनी के गेट और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन ग्रामीण न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।



