जनसुनवाई पहुंचे ग्रामीण 8 ट्रैक्टरों के साथ गांव में बनी एस.एम.एस. बायो फ्यूल फैक्ट्रीnके विरोध में
छिदगांव मेल में एस.एम.एस. बायो फ्यूल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, जनहानि की आशंका

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर फैक्ट्री को 7 दिनों के अंदर बंद नहीं किया गया, तो वे फैक्ट्री के गेट पर धरना देंगे और इस धरने की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ग्राम छिदगांव मेल में स्थापित एस.एम.एस. बायो फ्यूल फैक्ट्री के संचालन से क्षेत्रीय निवासियों को स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से हो रहे ध्वनि, वायु, जल, और मृदा प्रदूषण के कारण उनके जीवन और स्वास्थ्य पर संकट मंडरा रहा है।

फैक्ट्री द्वारा एथेनॉल (एल्कोहल) का निर्माण किया जाता है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया के दौरान हानिकारक दुर्गंध फैलती है। इस दुर्गंध के कारण ग्रामीणों में सांस संबंधी बीमारियों, हार्ट अटैक, कैंसर, चर्म रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। फैक्ट्री से निकलने वाला रसायनिक कचरा पास के नाले में छोड़ा जाता है, जो गंजाल नदी के माध्यम से नर्मदा नदी में मिलकर जल प्रदूषण कर रहा है। इसके साथ ही, नाले का पानी स्थानीय किसानों की 300 एकड़ कृषि भूमि को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री के उपकरणों से उत्पन्न तेज ध्वनि के कारण ध्वनि प्रदूषण भी गंभीर रूप ले चुका है, जिससे लोग अनिद्रा, तनाव और सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री से निकलने वाली राख फसलों की उपज में 50% तक की गिरावट का कारण बनी है।

ग्राम पंचायत द्वारा दी गई अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण 3 सितंबर 2024 को ग्राम सभा में फैक्ट्री की एनओसी निरस्त कर दी गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि फैक्ट्री को तुरंत बंद कराया जाए, अन्यथा वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से चार गांव प्रभावित हो रहे हैं, और पास के हाई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले 600 बच्चों की सेहत पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है।



