पीड़ित परिवारों ने बीते दिनों हुए भयानक हादसे के बाद न्याय की मांग करते हुए जनसुनवाई में पहुंचा।
इस हादसे में पीड़ितों के साथ हमदर्दी होनी चाहिए। उनके क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा मिलना उनका हक है, और इसे बाजार मूल्य के हिसाब से मिलना चाहिए।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा: बैरागढ़ में स्थित फटाका फैक्ट्री में भीषण आग लगने से काफी लोगों का नुकसान हुआ था फटाका फैक्ट्री के साइड में बसी कॉलोनी के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे इसके मुआवजा के लिए प्रशासन को अवगत कराया पीड़ितों का यहां कहना है कि काफी नुकसान हुआ है उसे नुकसान के अनुसार राशि नहीं दी जा रही है, उनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें सिर्फ सवा लाख रुपए की मदद प्रदान की है, जिससे मकान बनाना असंभव है। उनकी मांग है कि उन्हें वास्तविक नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए और अन्य पीड़ित परिवारों को भी उचित राहत राशि प्रदान की जाए।
अरुणा राजपूत ने बताया कि उन्होंने अपने 20 लाख रुपए के मकान के बदले सिर्फ सवा लाख रुपए प्राप्त किए हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रशासन ने नाममात्र राशि दी है और उन्हें आईटीआई में रखा गया है, जहां उन्हें 2 बजे भोजन मिल रहा है। क्षमा बाई ने भी बताया कि उनका 3 मंजिला मकान बना हुआ है और प्रशासन के अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि 15 सौ वर्गफीट के तीन मंजिले मकान का निर्माण सवा लाख रुपए में हो सकता है। हालांकि, उन्होंने किसी भी अधिकारी की सुध नहीं ली है, जैसा कि क्षमा बाई ने बताया है।



