एनएसयूआई द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा: पेपर लीक पर कड़ा कानून, छात्रवृत्ति में सुधार, शिक्षा और छात्रसंघ चुनाव की मांगें

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा । भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जिला अध्यक्ष योगेश चौहान के नेतृत्व में छात्रों की प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पेपर लीक, छात्रवृत्ति, शिक्षा व्यवस्था और छात्रसंघ चुनावों पर अपनी कड़ी मांगों को रखा है और चेतावनी दी है कि अगर इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
प्रमुख मांगें:
1. पेपर लीक पर कड़ा कानून: दोषियों को 20 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना समस्त परीक्षाओं में इस नियम को लागू करने की मांग।पेपर लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की बर्खास्तगी और संबंधित संस्थान की मान्यता रद्द हो।
2. छात्रवृत्ति पर लोकसेवा गारंटी: सभी छात्रवृत्तियों को लोकसेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया जाए। जब तक छात्रवृत्ति का भुगतान न हो, संबंधित अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाई जाए।फर्जी छात्रवृत्ति लेने वाले संस्थानों पर 50 करोड़ का जुर्माना और जेल की सजा हो। 3 लाख रुपये सालाना से कम आय वाले सभी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाए।छात्रवृत्ति पोर्टल को सुगम और पारदर्शी बनाया जाए।
3. सबको शिक्षा-सबको प्रवेश: सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं।नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप छात्रों को अपने पसंदीदा विषय लेने की छूट मिले। रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को लागू किया जाए। एससी/एसटी होस्टल की संख्या दोगुनी की जाए। इसी सत्र में 100 महिला और 50 पुरुष छात्रावास खोले जाएं।प्राध्यापकों के रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं।
4. छात्रसंघ चुनाव: इस सत्र से छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान कई प्रमुख एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें कृष्ण विश्नोई, कार्तिक बघेल, दीपक गौर, सुमित ओंकार आदि शामिल थे।




