हरदा: फटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से कर्मचारी की मृत्यु, श्रम न्यायालय ने मुआवजा देने का आदेश दिया, फिर भी नहीं मिला मुआवजा

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- शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
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स्वतंत्र हरदा। जिला पंचायत में जनसुनवाई में पहुंचे एक परिवार के दो लोग फटाका फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी बेटे की मृत्यु आदेश के बाद भी नहीं दी गई मुआवजे की राशि हरदा जिले के ग्राम पीपलपानी में स्थित प्रदीप के फटाखा फैक्ट्री में काम करने वाले स्थाई कर्मचारी नरेन्द्र मर्सकोले की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई। आवेदक सूरज के पुत्र नरेन्द्र मर्सकोले, जो फैक्ट्री में मैनेजर आयुष की देखरेख में काम करता था, ने 08 दिसंबर 2019 को सुबह 9 बजे के करीब अपने कार्य को सावधानीपूर्वक करते हुए अचानक हुए विस्फोट में अपनी जान गंवा दी।
विस्फोट में नरेन्द्र को गंभीर चोटें आईं, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। इस हादसे के बाद, नरेन्द्र के पिता सूरज ने अपने पुत्र की मृत्यु के पश्चात क्षतिपूर्ति / प्रतिकर राशि प्राप्त करने हेतु दिनांक 01 अक्टूबर 2020 को फेटल श्रम न्यायालय होशंगाबाद में प्रकरण कमांक 12/डब्ल्यू.सी.ए/2020 प्रस्तुत किया। श्रम न्यायालय ने दिनांक 06 दिसंबर 2021 को आवेदकगण के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 8,85,480 रुपये, 4,42,740 रुपये और 12 प्रतिशत ब्याज दिनांक 08 जनवरी 2020 से राशि अदायगी की तारीख तक प्रदान करने का आदेश दिया। मुआवजा प्राप्त करने हेतु आवेदकगण ने कई बार प्रयास किया और श्रम न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष निष्पादन की कार्यवाही भी प्रस्तुत की। इस प्रक्रिया में श्रम न्यायालय ने दिनांक 11 नवंबर 2022 को प्रदीप अग्रवाल उर्फ गोयल के विरुद्ध आर.आर.सी जारी किया।
इस घटना ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया है। नरेन्द्र मर्सकोले की मृत्यु ने उनके परिवार को अपार दुख पहुंचाया है, और न्यायालय के आदेश ने उनके परिवार को कुछ हद तक राहत प्रदान की है।



