जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़: सिर्फ दो काउंटर से धक्कामुक्की, तीन काउंटर होने से मिलेगा बुजुर्गों को मिलेगी राहत

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। जिला अस्पताल में मरीजों को पर्चा बनवाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में पर्चा काउंटर पर केवल दो काउंटर ही खुले होने के कारण लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे धक्कामुक्की की स्थिति बन गई है। बुजुर्ग और महिलाएं, जिन्हें सबसे अधिक परेशानी हो रही है, अलग काउंटर की मांग कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अस्पताल के काउंटर पर सुबह से ही लंबी लाइन लग जाती है। मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। हालाँकि अस्पताल प्रशासन की ओर से तीन काउंटर खोलने की व्यवस्था होनी चाहिए – एक महिलाओं के लिए, दूसरा पुरुषों के लिए, और तीसरा बुजुर्गों के लिए, लेकिन सुपरवाइजर की अनदेखी के चलते केवल दो काउंटर ही संचालित हो रहे हैं।
बुजुर्गों और बच्चों को हो रही खास परेशानी…
कतार में लगे बुजुर्ग मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार पर्चा बनाने में देरी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घंटों खड़े रहना पड़ता है। कतार में लगे एक बुजुर्ग मरीज ने कहा, यहां पर्चा बनाने के लिए इतनी लंबी कतार में खड़ा रहना हमारे लिए बहुत मुश्किल है। खासकर जब प्रिंटर में खराबी आ जाती है, तो हमें और भी परेशानी होती है।
ओपीडी काउंटर का हाल
अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनवाने का समय सुबह से चालू हो जाता है, लेकिन ज्यादातर मरीजों को पर्चा बनवाने में इतनी देर हो जाती है कि डॉक्टर अपनी शिफ्ट खत्म कर अस्पताल छोड़ देते हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को डॉक्टर का इंतजार करना पड़ता है, अस्पताल प्रशासन द्वारा तीन काउंटर चालू कर दिए जाएं तो मरीजों को इस असुविधा से बचाया जा सकता है और पर्चा जल्दी बनने के बाद वे डॉक्टर से समय पर परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।



