धार्मिक

बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की 66वीं पुण्यतिथि मनाई गई

डॉक्टर भीमराव रामजी अंबेडकर को संविधान का जनक कहा जाता है, आज ही के दिन 6 दिसंबर 1956 को उनकी मृत्यु हुई थी और हर साल 6 दिसंबर के दिन बाबा साहेब की पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण देश दिवस के रूप में हम लोग मनाते हैं।

हरदा : 6 दिसंबर को जन आंदोलन कारियो द्वारा आंबेडकर चौक पर बाबासाहेब अम्बेडकर जी का 67 वा परिनिर्वाण दिवस मनाया गया । बहुजन और देश के लिए जो बाबासाहेब अंबेडकर जी ने योगदान दिया है उनका ऋण हम कभी नहीं चुका पाएंगे और उनके द्वारा लिखित संविधान तो देश के गरीब वंचित जनता का भाग्य विधाता है क्योंकि उसी के कारण आज वे गरिमामय जीवन जी रहे है। छात्रावास के विद्यार्थियों के द्वारा माल्यार्पण और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए रैली के माध्यम से अंबेडकर चौक पहुंचे इस दौरान उनके हाथों में बाबासाहेब अम्बेडकर जी की तस्वीरे थी। आयोजन करता जन आंदोलनकारी पंकज अंबेडकर ने बताया की आंबेडकर जी किसी जाति विशेष के नही है उन्होंने समूचे मानव समाज के लिए कार्य किया है।आज का दिन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।वही राम ओेसले ने कहा कि बाबासाहेब के अधूरे सपने को पूरा करेंगे जो वो अक्सर देखा करते थे जब वे अपनी अंतिम कृति बुद्ध हिज धम्म लिखते वक्त सोच रहे थे। उनका सपना था की समता मूलक और बुद्ध के सिद्धांतो से चलने वाले समाज का निर्माण किया जाए जहां सभी समान हो । शाम के समय सभी लोगो ने कैंडल जलाकर बाबासाहेब जी के लिए सम्मान व्यक्त किया और आदरांजलि दी। पंकज अंबेडकर,राम ओसले ऊषा सावरे राजबंती लखोरे ,अनीता दमाडे,योगेश अटले,विद्युत सावनेर रामकृष्ण राठौर कपिल अमकरे मौजूद रहे।

Swatantra Harda

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