हरदा

पदयात्रा की घोषणा होते ही सड़क का भूमिपूजन, हरदा में दोगने-पटेल आमने-सामने; बोले विधायक—“मेरे कामों का श्रेय लेने पहुंच जाते हैं पूर्व मंत्री”

12 करोड़ की सड़क पर श्रेय की सियासत तेज, मुख्यमंत्री के छीपाबड़ कार्यक्रम में दोगने की मांग पर स्वीकृत हुआ था मार्ग—अब भूमिपूजन को लेकर आमने-सामने दोनों नेता

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा 

हरदा। खंडवा-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे के पोखरनी से हरदा तक बदहाल सड़क को लेकर हरदा में सियासत तेज हो गई है। हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा 27 सितंबर से सड़क की बदहाली के विरोध में पदयात्रा निकालने की घोषणा के बाद पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने शुक्रवार शाम हरदा से आशापुर तक सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन कर दिया। इसके बाद सड़क के निर्माण से ज्यादा काम के श्रेय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शनिवार को अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कहा कि हरदा जिले की जनता को सड़क की बदहाली से राहत दिलाने के लिए वे 27 और 28 सितंबर को पदयात्रा निकाल रहे हैं। पदयात्रा 27 सितंबर को सुबह 10 बजे छीपाबड़ के अंबेडकर चौक से शुरू होकर 28 सितंबर को हरदा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री के छीपाबड़ कार्यक्रम में विधायक ने रखी थी सड़क की मांग

विधायक दोगने ने कहा कि मुख्यमंत्री के छीपाबड़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आशापुर से हरदा सड़क मार्ग की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा मंच से स्वीकृति दी गई थी। विधायक का कहना है कि इसी स्वीकृत कार्य के तहत करीब 71 किलोमीटर सड़क के मरम्मत एवं उन्नयन के लिए लगभग 12 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि आशापुर से पोखरनी तक सड़क का काम हो चुका है, लेकिन पोखरनी से हरदा तक का महत्वपूर्ण हिस्सा लंबे समय से बदहाल है। इस कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

“पदयात्रा की घोषणा की तो गैती लेकर भूमिपूजन करने पहुंच गए”

विधायक दोगने ने पूर्व मंत्री कमल पटेल के भूमिपूजन को लेकर कहा कि जब उन्होंने सड़क की बदहाली को लेकर पदयात्रा की घोषणा की, उसके बाद पूर्व मंत्री गैती लेकर भूमिपूजन करने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में स्वीकृत होकर हो रहे कामों का श्रेय लेने पूर्व मंत्री पहुंच जाते हैं। दोगने ने कहा कि यदि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में ही क्षेत्र का इतना विकास हुआ था तो वे अपने कार्यकाल के काम जनता को गिनाएं। उन्होंने कहा कि कमल पटेल लंबे समय तक विधायक और मंत्री रहे, ऐसे में यह भी बताया जाना चाहिए कि उन्होंने हरदा जिले में कौन-कौन से बड़े संस्थान और उद्योग लेकर आए।

उद्योग, लॉ कॉलेज, कृषि कॉलेज—बताएं अपने कार्यकाल में क्या लेकर आए?

विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि “सरकार में मंत्री थे तो हरदा जिले को क्या दिया? कोई उद्योग लेकर आए? लॉ कॉलेज लेकर आए? कृषि कॉलेज लेकर आए? बताएं क्या लेकर आए? उन्होंने कहा कि आज हरदा जिले में कई विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। हरदा, मसनगांव मैं ब्रिज और बरंगा मैं में भी ब्रिज के निर्माण सहित कई कार्य हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनके कार्यकाल में विकास के काम हो रहे हैं तो इसका श्रेय लेने के बजाय पूर्व मंत्री को अपने कार्यकाल के काम जनता के सामने रखने चाहिए।

हारने के बाद जिले में विकास हो रहा है तो मैं चाहूंगा विकास लगातार होता रहे

विधायक दोगने ने कहा कि पूर्व मंत्री की चुनाव में हार के बाद जिले में विकास के काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “मैं तो चाहूंगा कि हरदा और पूरे जिले में लगातार विकास के काम होते रहें।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक श्रेय से ज्यादा जरूरी जनता को सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों का लाभ मिलना है।

भोपाल की राजनीति से भी ऊपर तक जानकारी पहुंचा चुके हैं, इसलिए खबरों में बने रहने के लिए भूमिपूजन

दोगने ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री अब राजनीतिक रूप से पूरी तरह फ्री हो गए हैं और भोपाल की राजनीति में ऊपर तक के नेताओं को भी इसकी जानकारी दे चुके हैं। विधायक के अनुसार, इसी वजह से वे खबरों में बने रहने के लिए छोटे-छोटे भूमिपूजन कर रहे हैं।

कमल पटेल ने विधायक पर लगाए तीखे आरोप

इधर, सड़क के भूमिपूजन के दौरान पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने विधायक को लेकर “निकम्मा” और “पनौती विधायक” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया तथा अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अपने निर्णय पर पछता रही है। पटेल ने कहा कि हरदा-आशापुर सड़क का काम एक महीने में पूरा होने की बात कही गई है और अब यह देखना है कि सड़क वास्तव में तय समय में पूरी होती है या नहीं।

अब सड़क के साथ श्रेय की सियासत भी सड़क पर

पोखरनी-हरदा सड़क को लेकर दोनों नेताओं के आमने-सामने आने से जिले में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर विधायक दोगने सड़क की बदहाली को लेकर पदयात्रा के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व मंत्री कमल पटेल द्वारा सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किए जाने के बाद दोनों पक्षों में काम किसकी पहल से स्वीकृत हुआ और इसका श्रेय किसे मिलना चाहिए, इसको लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है।

Swatantra Harda

Related Articles

Back to top button