प्रदर्शन

मक्का के कम दाम पर हरदा मंडी में किसानों का फूटा गुस्सा, ट्रॉली सड़क पर खाली कर दी, नीलामी रोककर प्रदर्शन, न्यायसंगत भाव की मांग की

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

हरदा। मंगलवार को कृषि उपज मंडी हरदा में किसानों ने मक्का के बेहद कम दाम मिलने पर जमकर हंगामा किया। स्थिति तब भड़क गई जब ग्राम अजनास के किसान कपिल विश्वकर्मा ने अपनी मक्का से भरी ट्रॉली मंडी परिसर की सड़क पर ही खाली कर दी। इसके बाद किसानों ने नीलामी रोक दी और मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। हालात काबू में करने पुलिस को बुलाना पड़ा। किसान कपिल विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी मक्का की शुरुआती बोली 1100 रुपए प्रति क्विंटल लगी। जब उन्होंने विरोध किया, तो व्यापारियों ने वहीं ट्रॉली का रेट बदलकर 1250 रुपए कर दिया। किसानों का कहना है कि यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भाव तय करने में पारदर्शिता नहीं है।

समर्थन मूल्य 2400, मंडी में 700 से शुरू हो रही बोली

किसानों ने बताया कि जहां सरकार मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल बताती है, वहीं हरदा मंडी में बोली मात्र 700 रुपए से शुरू हो रही है। किसानों को औसतन 1000 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल का ही भाव मिल रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन और व्यापारियों की मिलीभगत से उन्हें उचित दाम नहीं दिए जा रहे। उनका कहना है कि ट्रेडर्स अपनी मनमर्जी से कीमतें तय करते हैं। किसान साफ-सुथरी क्वालिटी की मक्का लेकर आता है, फिर भी उसे सही रेट नहीं दिया जाता। कुछ किसान जनसुनवाई में भी पहुंचे और कलेक्टर के सामने मक्के की पॉटी खोलकर कहा साहब बताइए, इसमें क्या खराबी है? कल तक यही मक्का 1200–1300 में बिकी थी, आज 1100 में खरीदी जा रही है। डालकर अलग-अलग बोली सुना देता है।पहली में हाथ डालकर कहता है 1200, दूसरी में डालता है तो बोलता 1400। यह कैसी परख और कैसी नीलामी?

मंडी में क्वालिटी की मोर्टिंग हो: किसानों की मांग

किसानों ने तहसीलदार राजेंद्र पवार से कहा कि मंडी के भीतर क्वालिटी की मोर्टिंग अनिवार्य की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसकी फसल किस गुणवत्ता की है और उसे उसी हिसाब से कीमत मिले। साट–घाट से पहले ही बोली तय हो जाती है। व्यापारी आपस में मशवरा करके नीलामी शुरू होने से पहले ही तय कर लेते हैं कि किसकी कितनी ट्राली उठानी है।फिलहाल, दर्जनों किसान मंडी में बैठकर न्यायपूर्ण समर्थन मूल्य की मांग को लेकर डटे हुए हैं, और कहा है कि उचित दाम मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

इनका कहना है: 

व्यापारियों को किसानों को अच्छा भाव देने के लिए कहा गया है। जिस किसान ने ट्रॉली खाली की है, उसकी उपज का सैंपल अधिकारियों को दिखाया जा रहा है। मक्का में फंगस अधिक पाई गई, इसलिए भाव कम मिला।

हरनारायण भिलाला, मंडी सचिव हरदा

Swatantra Harda

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