विरोध

स्मार्ट मीटर बने जनता के लिए मुसीबत, विदेशी कंपनी पर उठे सवाल कांग्रेस ने ठेका निरस्त करने की माँग की

मध्यप्रदेश कांग्रेस झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ का राज्यव्यापी विरोध स्मार्ट मीटर परियोजना को बताया जनता पर बोझ और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

भोपाल। मध्यप्रदेश में लग रहे स्मार्ट मीटर अब जनता के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। बिजली के बिल तीन गुना तक बढ़ जाने से गरीब, मध्यम वर्ग और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। इस मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने राज्यभर में विरोध जताया और विदेशी कंपनी अल्फानार को दिया गया ठेका रद्द करने की माँग की है। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष निकेश सिंह चौहान ने बताया कि स्मार्ट मीटर परियोजना में सऊदी अरब की कंपनी अल्फानार की भागीदारी है, जिसमें पाकिस्तान मूल के अधिकारियों की हिस्सेदारी और तुर्की से आर्थिक सहयोग की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल जनता की जेब पर बोझ नहीं डाल रही, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही है। चौहान ने बताया कि भारतीय स्मार्ट ग्रिड फोरम (ISGF) ने भी चेताया है कि इस तरह की विदेशी कंपनियाँ भारत के बिजली ग्रिड और उपभोक्ताओं के डेटा जैसी संवेदनशील जानकारियों तक पहुँच बना सकती हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।

जनता की बढ़ती परेशानियाँ:

स्मार्ट मीटर में खपत से अधिक यूनिट दर्ज हो रहे हैं।

बिजली बंद होने पर भी मीटर यूनिट दिखा रहे हैं।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने बिल भरने या परिवार चलाने की दुविधा खड़ी हो गई है।

ज्ञापन सौंपा गया:

इस मुद्दे को लेकर प्रकोष्ठ द्वारा ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्मार्ट मीटर परियोजना का ठेका निरस्त करने, विदेशी कंपनी को हटाने और स्वदेशी विकल्प अपनाने की माँग की गई।

ज्ञापन कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री पी. सी. शर्मा, भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीन सक्सेना, गोविंद गोयाल, जे. पी. धनोपिया, पार्षद श्री गुड्डू चौहान, मोनू सक्सेना, राकेश यादव और अभिषेक शर्मा सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे। निकेश सिंह चौहान ने कहा, “स्मार्ट मीटर परियोजना जनता की पीड़ा और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है। कांग्रेस जनता की आवाज़ बनकर इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

Swatantra Harda

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