डॉक्टर से पहले मां जान सकती नवजात शिशु में दिव्यांगता के लक्षण
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में हुई विश्व श्रवण बाधित दिवस पर कार्यशाला,

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा + 8435133145
हरदा। सामाजिक न्याय विभाग में कैंप के आयोजन के दौरान उपसंचालक सामाजिक न्याय ने बताया कि डीडीआरसी द्वारा कार्य शाला आयोजित की गई है जिसमे दिवांगजनों और उनके अभिभावकों को जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र हरदा के विशेषज्ञों द्वारा ये जानकारी प्रदान की गई है की माता पिता कैसे दिव्यांगता के लक्षण पहचान सकते है, और कैसे समय से इलाज शुरू करके दिव्यांग बच्चो का पुनर्वास कराया जा सकता है जिससे वे सामान्य जीवन यापन कर सकते है , इस दौरान सीनियर ऑडियोलॉजिस्ट प्रेम नारायण जाट ने जानकारी देते हुए बताया की यदि पांच वर्ष से कम उम्र की आयु में पता लग जाए की बच्चा सुनने में सक्षम नहीं है तो ऐसी इस्तिथी मेंकोक्लियर इम्प्लांट एक शल्य चिकित्सा द्वारा प्रत्यारोपित उपकरण है, जो सीधे श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित करने का कार्य करता है। और इससे बच्चा सामान्य जैसी स्थिति में सुन सकता है, शिविर में विशेषज्ञों के रूप में कु.कांचना माकोड़े, कु कोशिकी मूल्ये, मस्तराम वर्मा, अशोक बारवाल, सुदामा नागले, सुरेश यादव, विधिक सेवा से सुरेंद्र कोर,और प्रशानिक अधिकारी डी.डी.आर.सी मयंक काले उपस्थित थे।।

