यूको बैंक मैनेजर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज: एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला।
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शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। यूको बैंक के मैनेजर और दो बैंककर्मियों पर एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है। सिटी कोतवाली थाने में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बैंक मैनेजर नितिन मालवीय ने अपने कर्मचारियों संतोष दुबे और मृतक जितेंद्र राजपूत के साथ मिलकर क्रेडिल लिमिट बढ़ाने और लोन के लिए रखे गए 11 चेक से करीब एक करोड़ 9 लाख रुपये का गबन किया। मामला तब सामने आया जब आयकर रिटर्न भरने के दौरान अनियमितताओं का पता चला। जांच के बाद, दो ग्राहकों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई।
पीड़ित आयुष शर्मा ने बताया कि क्रेडिल लिमिट बढ़ाने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर रखे गए उनके चेक का दुरुपयोग करते हुए 25 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी प्रकार, एक अन्य युवक से भी 25 लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकाले गए। संदीप भिलाला के खाते से तीन से चार महीनों में करीब 59 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन कर गबन किया गया।
शहर के तीन शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने यूको बैंक मैनेजर नितिन मालवीय, कर्मचारी संतोष दुबे और मृतक जितेंद्र राजपूत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409 और 102 बी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, जबकि बैंक मैनेजर की हाईकोर्ट में लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है।
मामले की जांच कर रहे अधिकारी आदित्य करदाते ने बताया कि क्रेडिल लिमिट बढ़ाने के लिए रखे गए 25-25 लाख रुपये के चेक से पैसे निकालने और एक अन्य युवक के खाते से 59 लाख रुपये के गबन के आरोपों की पुष्टि हो चुकी है। इस बीच, बैंक के एक कर्मचारी ने मामला उजागर होने से पहले ही जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।



