किन्नर समाज का तीन दिवसीय समागम हरदा में शुरू, माही दीदी को सौंपी गई गुरु गादी

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। एक निजी फार्म हाउस में किन्नर समाज का तीन दिवसीय समागम पारंपरिक और आध्यात्मिक रंग में शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि समाज से जुड़े सामाजिक, धार्मिक और आंतरिक मुद्दों पर अलग-अलग सत्रों में मंथन कर रहे हैं।
गुरु गादी पर माही दीदी की ताजपोशी
समागम का प्रमुख आकर्षण गुरु-शिष्य परंपरा के तहत हरदा की गुरु गादी का जिम्मा सौंपना रहा। लंबे समय से रिक्त चल रही गुरु गादी पर सर्वसम्मति से माही दीदी को दायित्व प्रदान किया गया। मंदसौर से आईं अनिता गुरु ने बताया कि हरदा की पूर्व गुरु लता बाई का निधन कोरोना काल में हो गया था, जिसके बाद से गादी खाली थी। समाज की सहमति से अब माही दीदी को मार्गदर्शन का दायित्व सौंपा गया है।
परंपराओं में बदलाव पर चर्चा
समागम में वक्ताओं ने किन्नर समाज में हो रहे धार्मिक बदलावों पर भी विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले किन्नर समाज की परंपराएं इस्लामिक रीतियों से प्रभावित थीं, परंतु किन्नर अखाड़े के गठन के बाद समाज में सनातन परंपराओं का रुझान तेज़ी से बढ़ा है। समागम स्थल पर प्रतिभागी एक-दूसरे का अभिवादन “राम-राम” और “राधे-राधे” कहकर कर रहे हैं। माही गुरु का संदेश गुरु गादी ग्रहण करने के बाद माही दीदी ने कहा कि सनातन धर्म सर्वोपरि है और यह आत्मा से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के साथ किसी भी तरह की अभद्रता या छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि हरदा में सामुदायिक भवन का निर्माण होता है, तो यह पूरे प्रदेश में किन्नर समाज का पहला सामुदायिक भवन होगा जो समाज के लिए ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।



