अब डॉक्टरों को जेनेरिक नामों में ही लिखनी होंगी दवाएं, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश
एमसीआई के संशोधित नियम लागू, सभी डॉक्टरों को बड़े अक्षरों में जेनेरिक नाम लिखने के निर्देश

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है, जिसके तहत अब सभी चिकित्सकों को मरीजों को दवा लिखते समय ब्रांड नेम के बजाय दवाओं के जेनेरिक नाम लिखने होंगे। यह निर्देश मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा जारी संशोधित कोड ऑफ प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट एंड एथिक्स की कंडिका 1.5 के अनुसार लागू किया गया है, जो 8 अक्टूबर 2016 से प्रभावशील है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश से प्राप्त निर्देशों के तहत अब जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में पदस्थ डॉक्टरों को दवाएं स्पष्ट रूप से बड़े अक्षरों में जेनेरिक नामों में लिखना अनिवार्य किया गया है, ताकि दवाओं का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित हो सके और मरीजों को सस्ती व प्रभावी दवाएं मिल सकें। सीएमएचओ एच.पी. सिंह ने बताया कि यह निर्देश भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एमसीआई के संशोधित नियमों के अंतर्गत जारी किया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों को अनावश्यक महंगी ब्रांडेड दवाओं से बचाना और चिकित्सकीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। एच.पी. सिंह ने बताया कि अब सभी चिकित्सकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दवा के पर्चे में लिखे गए नाम जेनेरिक हों और अधिमानतः बड़े अक्षरों में लिखे जाएं, जिससे पठन में कोई भ्रम न हो और फार्मेसी में दवा वितरण में भी आसानी हो।



