
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। शनिवार को जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों किसान कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए और यहां से रैली निकालकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय गेट पर किसानों ने बैठकर धरना दिया और साफ कहा कि जब तक कलेक्टर से मुलाकात नहीं होगी, वे नहीं उठेंगे। किसानों का नेतृत्व किसान आक्रोश मोर्चा जो की एक गैर राजनीतिक संगठन है। किसानों ने नारे लगाते हुए कहा कि जिले में खाद की काली बाजारी बड़े स्तर पर चल रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। मौके पर पहुंचे एएसपी अमित मिश्रा ने समझाने की कोशिश की, पर किसान अड़े रहे। किसानों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को ज्ञापन सौंपा। मुख्य मांगे 1. सोयाबीन और मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी व शीघ्र पंजीयन।
2. 1972 से लंबित गंजाल मौरण्ड सिंचाई परियोजना का तत्काल क्रियान्वयन व प्रभावितों को मुआवजा और पुनर्वास।
3. खरीफ 2024-25 की गिरदावरी रिपोर्ट सार्वजनिक कर बीमा विसंगतियां दूर करना।
4. सैटेलाइट सर्वे बंद कर जमीनी सर्वे से नुकसानग्रस्त फसलों का आंकलन कर मुआवजा देना।
5. आगामी रबी सीजन हेतु पर्याप्त खाद-बीज, 12 घंटे बिजली व नहरों से समय पर पानी उपलब्ध कराना।
6. मुख्यमंत्री कृषक अनुदान योजना पुनः प्रारंभ करना।
7. किसान आक्रोश मोर्चा को जिला समन्वय एवं विकास समिति की बैठक में शामिल करना। किसानों ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है गंजाल मोरण्ड डेम दो या किसानों को मौत दो।
इधर इनका कहना है:
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि किसानों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
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