वार्ड क्रमांक 23 में नगर पालिका की कार्रवाई पर बवाल, 18 परिवारों को बेदखली का नोटिस
पट्टे होने के बावजूद मकान हटाने की तैयारी, कलेक्टर से न्याय की गुहार

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। वार्ड क्रमांक 23 के 18 परिवारों को नगर पालिका ने अचानक बेदखली का नोटिस जारी कर दिया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इन परिवारों का आरोप है कि पट्टे होने के बावजूद नगर पालिका अवैध तरीके से उनके मकानों को हटाने का प्रयास कर रही है। पीड़ितों ने मुख्य अधिकारी कमलेश पाटीदार पर आरोप लगाया है कि उनसे बातचीत करने पर पुलिस की धमकी दी जाती है और सीधा जवाब नहीं मिलता।
जनसुनवाई में कलेक्टर से न्याय की अपील
मंगलवार को जनसुनवाई में पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर आदित्य सिंह के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 40 सालों से यहां निवास कर रहे हैं और मकान के पट्टे भी 30 साल पहले नगर पालिका ने ही जारी किए थे। इसके बावजूद उन्हें अचानक बेदखली का नोटिस थमा दिया गया। इससे पहले भी 15 दिन पहले एक नोटिस दिया गया था, जिसमें तीन दिनों के भीतर मकान हटाने का आदेश था।
20 जनवरी को है बेटी की शादी अब चिंता
पीड़ितों में से एक, अमीना बी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 20 जनवरी को है। उन्होंने कहा, “ऐसे समय में हम कहां जाएं? हमने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि हमारी समस्या का समाधान किया जाए। परिवारों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अपनी मनमानी कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले खुद नगर पालिका ने उन्हें पट्टे दिए थे और अब वही उन्हें अवैध करार देकर मकान हटाने की कोशिश कर रही है। यह कार्रवाई परिवारों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। जनसुनवाई में कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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