हरदा

घंटाघर में खोया मासूम, पुलिस की सूझबूझ से सुरक्षित घर वापसी, राखी की भीड़ में छूटा पर्स, पुलिस की ईमानदारी ने लौटाया मालिक तक

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर

स्वतंत्र हरदा। राखी के पावन पर्व पर रविवार को शहर के घंटाघर इलाके में खरीदारी के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक 3-4 साल का मासूम अपने माता-पिता से बिछड़ गया। भीड़भाड़ में बच्चा घबराया हुआ और रोता-बिलखता हुआ नजर आया, जो अपने माता-पिता का नाम भी बताने में असमर्थ था। घंटाघर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल एक्शन लिया। एएसआई बसंत चौधरी, प्रधान आरक्षक अमर धुर्वे और अनूप कांबले, आरक्षक लोकेश सैनिक, महेंद्र नगर सुरक्षा समिति के सदस्य, और ट्रैफिक वॉलंटियर जगदीश मीणा ने मिलकर बच्चे की देखभाल की और उसके परिजनों को खोजने के लिए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्रसारित की गई, और शहर के सभी प्रमुख चौकियों और प्वाइंट्स को इस मामले से अवगत कराया गया। कुछ ही समय में पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और बच्चे के पिता की पहचान कर उन्हें सूचित किया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चा सकुशल अपने पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के पिता ने पुलिस के इस सहयोग और तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया।

यातायात पुलिस की सतर्कता ने लौटाया पर्स

इसी दौरान, नीमगांव निवासी अभिषेक विश्नोई की पत्नी का पर्स, जो राखी की खरीददारी के दौरान घंटाघर क्षेत्र की एक दुकान पर भूल गया था, उसे भी यातायात पुलिस ने सुरक्षित चौकी में रख लिया। जब अभिषेक विश्नोई जी ने पर्स के बारे में जानकारी दी, तो पुलिस ने बिना किसी देरी के वह पर्स सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिया। इस घटनाक्रम में एएसआई बसंत चौधरी और उनकी टीम, जिसमें प्रधान आरक्षक अमर धुर्वे, अनूप कांबले, आरक्षक लोकेश सैनिक, महेंद्र नगर सुरक्षा समिति के सदस्य और ट्रैफिक वॉलंटियर जगदीश मीणा शामिल थे, की सतर्कता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को एक बार फिर से उजागर किया है।

Swatantra Harda

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