
शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। नेहरू स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था का गंभीर मामला सामने आया। 26 जनवरी के मुख्य कार्यक्रम में परेड, पीटी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विभागीय झांकियों का आकर्षक प्रदर्शन तो हुआ, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए बनाई गई बैठने की व्यवस्था में भारी लापरवाही उजागर हुई।
नगर पालिका परिषद हरदा की अध्यक्ष भारती कंमेंडिया और उपाध्यक्ष अंशुल गोयल के लिए न तो कुर्सी रखी गई थी और न ही उनके नाम लगाए गए थे, जबकि अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कुर्सियाँ पहले से नाम सहित व्यवस्थित लगाई गई थीं। स्थिति इतनी खराब थी कि दोनों जनप्रतिनिधियों को मजबूरन पार्षदों की कुर्सी पर बैठना पड़ा। चलते कार्यक्रम में ही सुनाई खरी-खरी लापरवाही से नजर होकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने कार्यक्रम के दौरान ही एसडीएम और तहसीलदार को कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

अध्यक्ष भारती कंमेंडिया ने कहा
हर बार ऐसा ही होता है। सम्मान नहीं देना था तो बुलाया क्यों? क्या अपमान करने के लिए बुलाते हैं? महिलाओं को सम्मान के बात करते हैं, ऐसी होती है, महिलाओं का सम्मान।
उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने कहा
प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन हुआ। विधायक के साथ कुछ लोग आगे की कुर्सियों पर बैठे थे, जबकि वे किसी पद पर नहीं हैं। यह व्यवस्था की खुली नाकामी है।
पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजू कंमेंडियाने कहा
किस तरह की व्यवस्था है यह? जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए ही कुर्सी नहीं लगाई गई। यह सीधा-सीधा असम्मान है।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद चिपकाए गए नाम
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विभागीय अधिकारी प्रिंट कराए गए नाम-पर्चे लेकर आए और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कुर्सियों पर चिपकाने लगे। इससे सवाल उठ खड़े हुए कि क्या दोनों के नाम पहले से सूची में शामिल ही नहीं थे?



