“मुझे मेरी पत्नी चाहिए… मदद करो!” – दो माह से लापता पत्नी की तलाश में युवक जनसुनवाई में लगा रहा गुहार
प्रेम विवाह के बाद विरोध झेल रहे युवक ने लगाया ससुराल पक्ष पर अपहरण का आरोप, पुलिस की लापरवाही से नहीं मिला पत्नी का सुराग

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। “मुझे मेरी पत्नी चाहिए… कोई तो मदद करो!” ऐसी ही तख्ती लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचा युवक प्रशासन से गुहार लगाता रहा। धर्मेन्द्र नागराज, निवासी वार्ड नं. 03 रामनगर, खिरकिया, दो माह से अपनी 19 वर्षीय पत्नी यश्वी नागराज की तलाश कर रहा है। धर्मेन्द्र का आरोप है कि 21 फरवरी 2025 को सुबह करीब 9 बजे कुछ अज्ञात लोग उसकी पत्नी का अपहरण कर ले गए, जब वह और उसके माता-पिता मजदूरी पर गए हुए थे। युवक ने बताया कि प्रेम विवाह करने के चलते उसका ससुराल पक्ष पहले से ही नाराज़ था और धमकी दे चुका था कि वे यश्वी को वापस ले जाएंगे। घटना के बाद धर्मेन्द्र ने छीपाबड़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। धर्मेन्द्र का कहना है कि उसने सीएम हेल्पलाइन 181 और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

“बांधकर रखा है… जबरन शादी कराएंगे” पत्नी का दर्दनाक मैसेज
24 फरवरी की रात 1 बजे धर्मेन्द्र को एक अज्ञात नंबर से यश्वी का मैसेज आया, जिसमें उसने बताया कि उसके माता-पिता और कुछ गुंडों ने उसे जबरन घर से उठाकर बंदी बना रखा है। यश्वी ने लिखा कि अगर सुबह 9 बजे तक वह नहीं पहुंचा, तो उसकी जबरन दूसरी शादी कर दी जाएगी और धर्मेन्द्र के खिलाफ झूठे बयान दिलवाए जाएंगे। धर्मेन्द्र ने यह जानकारी तत्काल पुलिस को दी, लेकिन पुलिस घटनास्थल पर रात 11 बजे पहुंची और तब तक यश्वी वहां से गायब हो चुकी थी। युवक का आरोप है कि यदि पुलिस समय पर पहुंचती, तो उसकी पत्नी मिल जाती।

जनसुनवाई में फिर लगाई गुहार
जनसुनवाई में धर्मेन्द्र तख्ती लेकर पहुंचा और कलेक्टर के सामने हाथ जोड़कर राखी अपनी बात सुनाई अपनी कहानी दो महीने से वह थानों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे अब तक न इंसाफ मिला और न ही उसकी पत्नी का कोई पता चला।




