दिल्ली से 1700 किमी लंबी ‘न्याय चक्र’ साइकिल यात्रा हरदा पहुँची आमजन को न्याय से जोड़ने और संवेदनशील एडवोकेट नेटवर्क बनाने का उद्देश्य

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। आम आदमी और न्याय व्यवस्था के बीच बढ़ती दूरी को पाटने तथा न्याय को फिर से लोगों की पहुँच में लाने के उद्देश्य से निकाली गई ‘न्याय चक्र’ साइकिल यात्रा शनिवार को हरदा पहुँची। यह यात्रा 29 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट से शुरू हुई थी और शनिवार को 29वें दिन हरदा पहुंचते हुए अब तक लगभग 1200 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। यात्रा का समापन महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम में होगा। एडवोकेट गौरव जैन ने बताया कि यात्रा में कुल छह युवा शामिल हैं, चार साइकिल राइडर और दो सपोर्ट टीम के सदस्य। यह दल दिल्ली से होते हुए हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश से गुजरता हुआ अब महाराष्ट्र की ओर रवाना होगा। पूरी यात्रा लगभग 1700 किलोमीटर की है, जिसमें से करीब 500 किलोमीटर का सफर अभी बाकी है।
न्याय को आमजन की पहुँच में लाना यही है ‘न्याय चक्र’ का ध्येय
यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश में ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना है, जहाँ कोई भी पीड़ित व्यक्ति महंगे वकीलों के बोझ से दबे बिना न्याय की लड़ाई लड़ सके। जैन ने बताया आज न्याय आम आदमी की पहुँच से दूर होता जा रहा है। कई बार पीड़ित को केस लड़ने के लिए घर, जमीन तक बेचनी पड़ जाती है। हम ऐसे एडवोकेटों का नेटवर्क तैयार करने निकले हैं, जो कर्तव्य समझकर पीड़ित के साथ खड़े हों, न कि उसकी मजबूरी का फायदा उठाएँ। न्याय चक्र दल रास्ते में पड़ने वाले सभी जिला अदालतों में रुकता है और उन एडवोकेट्स से संपर्क स्थापित करता है जिनकी विचारधारा न्यायपालिका को आमजन के करीब लाने के उद्देश्य से मेल खाती है। दिल्ली से अब तक अनेक जिलों में संवेदनशील वकीलों को इस अभियान से जोड़ा जा चुका है।
सालों की तैयारी के बाद शुरू हुआ यात्रा
गौरव जैन ने बताया कि यह यात्रा कई वर्षों की विचार प्रक्रिया और योजना का परिणाम है। सही अवसर मिलने पर साथियों के साथ मिलकर इसे मूर्त रूप दिया गया। यात्रा का समापन महाराष्ट्र के वर्धा, महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम में होगा, जो सत्य, न्याय और अहिंसा की विरासत का प्रतीक है।



